श्रीमद् भगवद्गीता

Chapter 11 · विश्वरूपदर्शनयोग

Bhagavad Gita 11.26

मूल श्लोक :

अमी च त्वां धृतराष्ट्रस्य पुत्राः    सर्वे सहैवावनिपालसङ्घैः।भीष्मो द्रोणः सूतपुत्रस्तथाऽसौ    सहास्मदीयैरपि योधमुख्यैः।।11.26।।

Hindi Translation By Swami Ramsukhdas

।।11.26।।हमारे मुख्य योद्धाओंके सहित भीष्म? द्रोण और वह कर्ण भी आपमें प्रविष्ट हो रहे हैं। राजाओंके समुदायोंके सहित धृतराष्ट्रके वे ही सबकेसब पुत्र आपके विकराल दाढ़ोंके कारण भयंकर मुखोंमें बड़ी तेजीसे प्रविष्ट हो रहे हैं। उनमेंसे कईएक तो चूर्ण हुए सिरोंसहित आपके दाँतोंके बीचमें फँसे हुए दीख रहे हैं।

Hindi Commentary By Swami Chinmayananda

।।11.26।। च्ड्ढड्ढ क्दृथ्र्थ्र्ड्ढदद्यठ्ठद्धन्र् द्वदड्डड्ढद्ध 11.27

English Translation By Swami Sivananda

11.26 All the sons of Dhritarashtra, with the hosts of kings of the earth, Bhishma, Drona and Karna, with the chief among our warriors.