श्रीमद् भगवद्गीता

Chapter 10 · विभूतियोग

Bhagavad Gita 10.30

मूल श्लोक :

प्रह्लादश्चास्मि दैत्यानां कालः कलयतामहम्
मृगाणां च मृगेन्द्रोऽहं वैनतेयश्च पक्षिणाम्

Hindi Translation By Swami Ramsukhdas

दैत्योंमें प्रह्लाद और गणना करनेवालोंमें काल मैं हूँ। पशुओंमें सिंह और पक्षियोंमें गरुड मैं हूँ।

Hindi Commentary By Swami Chinmayananda

मैं दैत्यों में प्रह्लाद हूँ  हिन्दुओं में बालक भक्त प्रह्लाद की कथा अत्यन्त प्रसिद्ध है। प्रह्लाद हिरण्यकश्यिपु नामक दैत्य राजा का पुत्र था? जिसे भगवान् हरि में अटूट श्रद्धा और दृढ़ भक्ति थी। इसके लिए उसे ईश्वरद्वेषी हिरण्यकश्यिपु ने अनेक प्रकार की यातनाएं दीं? जिन सबको प्रह्लाद ने सहन किया? परन्तु भक्ति को नहीं त्यागा।मैं गणना करने वालों में काल हूँ  भारत के दार्शनिकों में नैय्यायिकों का अपना विशेष स्थान है। वे सृष्टि की विविधता को सत्य स्वीकार करते हुए ईश्वर के अस्तित्व का निषेध करते हैं। केवल बौद्धिक तर्कों के द्वारा वे इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि काल ही नित्य तत्त्व है। व्यष्टि मन और बुद्धि ही काल के विभाजक हैं? जो उसमें भूत? वर्तमान और भविष्य की कल्पनायें करते हैं। उनके मत के अनुसार मन का यह खेल ही काल का विभाजन इस प्रकार करता है कि मानो काल कोई खण्डित और परिच्छिन्न तत्त्व हो। सम्भवत? इसी सिद्धांत को ध्यान में रखकर? महर्षि व्यास ने बहुविध सृष्टि के अनन्त अधिष्ठान को दर्शाते के लिए इस उदाहरण को यहाँ दिया है।कुछ व्याख्याकार हैं? जो प्राय इसे एक सरल कथन के रूप में स्वीकार करते हैं उनके अनुसार? अनादि अनन्त काल ही इस जगत् की वस्तुओं की अन्तिम गति है।सिंह अपनी महानता? प्रतिष्ठा एवं पौरुषता के कारण मृगराज कहलाता है। गरुड़ को पक्षियों का राजपद मिलने का कारण है? उसकी सूक्ष्मदर्शिता एवं सर्वाधिक ऊँचाई तक उड़ान भरने की क्षमता। गरुड़ को भगवान् विष्णु का वाहन कहा गया है।

English Translation By Swami Sivananda

And, I am Prahlada among the demons, among the reckoners I am time; among beasts I am the lion, and Vainateya (Garuda) among birds.

Transliteration

prahlādaś cāsmi daityānāṃ kālaḥ kalayatām aham
mṛgāṇāṃ ca mṛgendro 'haṃ vainateyaś ca pakṣiṇām

अनुवाद

दैत्यों में मैं प्रह्लाद हूँ और गणना करने वालों में मैं समय हूँ। पशुओं में मैं सिंह हूँ और पक्षियों में मैं गरुड़ हूँ।

भावार्थ

भगवान कृष्ण अर्जुन को अपनी विभूतियों का वर्णन करते हुए समझाते हैं कि वे असुरों के कुल में उत्पन्न परम भक्त प्रह्लाद हैं। वे काल (समय) के रूप में सभी को वश में करने वाले हैं। पशुओं में वे सर्वश्रेष्ठ सिंह हैं और पक्षियों में वे भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ (विनता के पुत्र) हैं।

Translation

Among the Daityas I am Prahlada, and among subduers I am Time. Among beasts I am the lion, and among birds I am Garuda.

Meaning

Lord Krishna explains His divine manifestations to Arjuna, identifying Himself as Prahlada among the Daityas, representing supreme devotion. He is Time, the ultimate subduer and measurer of all things. Among animals, He is the majestic lion, and among birds, He is Garuda, the swift and sacred carrier of Vishnu.

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
प्रह्लादःप्रह्लाद
चऔर
अस्मिहूँ
दैत्यानाम्दैत्यों में
कालःसमय (काल)
कलयताम्गणना करने वालों में (या वश में करने वालों में)
अहम्मैं
मृगाणाम्पशुओं में
चऔर
मृगेन्द्रःसिंह (मृगों का राजा)
अहम्मैं
वैनतेयःगरुड़ (विनता का पुत्र)
चऔर
पक्षिणाम्पक्षियों में

Word by word

WordMeaning
prahlādaḥPrahlada
caand
asmiI am
daityānāmamong the Daityas (demons)
kālaḥTime
kalayatāmamong subduers (or reckoners)
ahamI
mṛgāṇāmamong beasts
caand
mṛgendraḥthe king of beasts (lion)
ahamI
vainateyaḥGaruda (son of Vinata)
caand
pakṣiṇāmamong birds