Chapter 10 · विभूतियोग
Bhagavad Gita 10.28
मूल श्लोक :
आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक्
प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिःHindi Translation By Swami Ramsukhdas
आयुधोंमें वज्र और धेनुओंमें कामधेनु मैं हूँ। सन्तानउत्पत्तिका हेतु कामदेव मैं हूँ और सर्पोंमें वासुकि मैं हूँ।
Hindi Commentary By Swami Chinmayananda
मैं शस्त्रों में वज्र हूँ दिव्यास्त्रों में प्रमुख वज्रास्त्र अमोघ है। वृत्रासुर प्राय स्वर्ग पर आक्रमण करके वहाँ की शान्ति भंग करता था। अपनी प्रचण्ड शक्ति के कारण वह अवध्य बन गया था। उस समय दधीचि नामक एक महान् तपस्वी ऋषि ने उसके नाश हेतु एक दिव्य शस्त्र बनाने के लिए अपनी अस्थियों का दान किया था? जिससे इस अस्त्र का निर्माण करके वृत्रासुर की बध किया गया।मैं धेनुओं में कामधेनु हूँ कामधेनु की प्राप्ति भी अमृतमन्थन से हुई थी। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह एक ऐसी अनूठी गाय है? जिसके द्वारा हम अपनी समस्त इच्छाओं की पूर्ति कर सकते हैं।प्रजोत्पत्ति के कारणों में मैं कामदेव हूँ भारतीय धारणा के अनुसार काम का देवता कन्दर्प (कामदेव? मदन) है? जो एक कुटिल हृष्टपुष्ट युवक के रूप में चित्रित किया गया है। यह कामदेव अपनी मन्दस्मिति के धनुष के द्वारा पाँच सुपुष्पित बाणों से मनुष्य की एकएक इन्द्रिय को आहत करता है यह जीव विज्ञान से सम्बन्धित एक सत्य है। प्रजोत्पत्ति माने केवल गर्भाधान की क्रिया या वनस्पति जगत् में होने वाली सेचन क्रिया ही नहीं समझी जानी चाहिए। भारतीय कामशास्त्र के अनुसार इसका अर्थ उन समस्त कामुक प्रवृत्तियों की शान्ति से है? जो सभी इन्द्रियों के माध्यम से व्यक्त होती हैं। एक दार्शनिक सच्चा वैज्ञानिक होता है और इस कारण उसमें वह मिथ्या लज्जा या संकोच नहीं होता? जो प्राय स्वभाव से अनैतिक किन्तु दिखावे के लिए कट्टर नैतिकतावादी व तिलकधारी पाखण्डी लोगों का होता है। वेदान्त के आचार्य कामवासना के संबंध में विश्लेषण करते समय इस प्रकार निर्मम होते हैं? जैसे चिकित्साशास्त्र के महाविद्यालय में कोई प्राध्यापक।भगवान् घोषणा करते हैं कि प्रजोत्पत्ति के सब कारणों में कन्दर्प मैं हूँ। वैषयिक भोग के क्षेत्र में कामदेव मनुष्य के शारीरिक? मानसिक और बौद्धिक व्यक्तित्व के पूर्ण सन्तोष का प्रतीक है।मैं सर्पों में वासुकि हूँ पुराणों में किये गये वर्णन के अनुसार वासुकि भगवान् शिव की अंगुली पर लिपटा रहता है। यद्यपि यह सर्प शिवजी की अंगूठी का आकार लेने योग्य छोटा है? परन्तु क्षीरसागर के मन्थन के लिए वह रज्जु (रस्सी) का कार्य करने को प्रयुक्त होता है। स्वाभाविक ही? वासुकि शब्द से उपनिषद् के उस कथन का स्मरण हो आता है जिसमें कहा गया है कि आत्मतत्त्व अणु से भी सूक्ष्म है और बृहत्तम वस्तु से भी अधिक बृहत् है। अत सर्पों में वासुकि को भगवान् की विभूति बताना उपयुक्त ही है। सर्प और नाग में भेद है। सर्प एक फण वाला होता है? जबकि नाग के अनेक फण होते हैं।गीता के दिव्य गायक अपने सुन्दर राग में अपनी गानपूर्ण विभूतियों को और भी बताते हैं
English Translation By Swami Sivananda
Among weapons I am the thunderbolt; among cows I am the wish-fulfilling cow called Kamadhenu; I am the progenitor, the god of love; among serpents I am Vasuki.
Transliteration
āyudhānāmahaṃ vajraṃ dhenūnāmasmi kāmadhuk
prajanaścāsmi kandarpaḥ sarpāṇāmasmi vāsukiḥअनुवाद
शस्त्रों में मैं वज्र हूँ, गौओं में मैं कामधेनु हूँ, सन्तानोत्पत्ति का कारण कामदेव हूँ और सर्पों में मैं वासुकि हूँ
भावार्थ
इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अपनी दिव्य विभूतियों का वर्णन कर रहे हैं। वे बताते हैं कि अस्त्र-शस्त्रों में वे देवराज इन्द्र का अमोघ अस्त्र वज्र हैं, जो दधीचि की हड्डियों से बना है। वे दिव्य गौओं में कामधेनु हैं जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं, सृष्टि की उत्पत्ति के कारक कामदेव हैं, और सर्पों के राजा वासुकि हैं।
Translation
Among weapons I am the thunderbolt; among cows I am the wish-fulfilling cow; among progenitors I am Kamadeva, the god of love; and among serpents I am Vasuki
Meaning
In this verse, Lord Krishna continues to describe His divine manifestations. He declares Himself to be the Vajra (thunderbolt) among weapons, which is associated with Indra and made from the bones of Sage Dadhichi. He is Kamadhuk (the wish-fulfilling cow) among cows, Kandarpa (the god of love) responsible for procreation, and Vasuki, the king of serpents.
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आयुधानाम् | शस्त्रों में |
| अहम् | मैं |
| वज्रम् | वज्र |
| धेनूनाम् | गौओं में |
| अस्मि | हूँ |
| कामधुक् | कामधेनु (इच्छा पूर्ण करने वाली गाय) |
| प्रजनः | सन्तानोत्पत्ति का कारण |
| च | और |
| अस्मि | हूँ |
| कन्दर्पः | कामदेव |
| सर्पाणाम् | सर्पों में |
| अस्मि | हूँ |
| वासुकिः | वासुकि |
Word by word
| Word | Meaning |
|---|---|
| āyudhānām | among weapons |
| aham | I |
| vajram | the thunderbolt |
| dhenūnām | among cows |
| asmi | am |
| kāmadhuk | the wish-fulfilling cow |
| prajanaḥ | the progenitor (cause of offspring) |
| ca | and |
| asmi | am |
| kandarpaḥ | Kamadeva (the god of love) |
| sarpāṇām | among serpents |
| asmi | am |
| vāsukiḥ | Vasuki |