श्रीमद् भगवद्गीता

Chapter 1 · अर्जुनविषादयोग

Bhagavad Gita 1.6

मूल श्लोक :

युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः

Hindi Translation By Swami Ramsukhdas

यहाँ (पाण्डवोंकी सेनामें) बड़ेबड़े शूरवीर हैं? जिनके बहुत बड़ेबड़े धनुष हैं तथा जो युद्धमें भीम और अर्जुनके समान हैं। उनमें युयुधान (सात्यकि)? राजा विराट और महारथी द्रुपद भी हैं। धृष्टकेतु और चेकितान तथा पराक्रमी काशिराज भी हैं। पुरुजित् और कुन्तिभोज  ये दोनों भाई तथा मनुष्योंमें श्रेष्ठ शैब्य भी हैं। पराक्रमी युधामन्यु और पराक्रमी उत्तमौजा भी हैं। सुभद्रापुत्र अभिमन्यु और द्रौपदीके पाँचों पुत्र भी हैं। ये सबकेसब महारथी हैं।

Hindi Commentary By Swami Chinmayananda

इन तीन श्लोकों में पाण्डवसैन्य के प्रमुख एवं प्रसिद्ध योद्धाओं की नामावली है। पाण्डवों की सेना का निरीक्षण करते समय दुर्योधन उनमें अनेक महारथियों को पहचानता है। प्राचीन हिन्दू सेनाओं में 11000 धनुर्धारी सैनिकों के समूह के नायक को महारथी कहा जाता था।अर्जुन और भीम अपने समय के धनुर्विद्या और शक्ति के लिये प्रसिद्ध योद्धा थे। दुर्योधन कहता है कि सभी महारथी अर्जुन और भीम के समान हैं जिसका तात्पर्य यह है कि यद्यपि पाण्डवों की सेना संख्या में कम थी परन्तु सार्मथ्य में वह कौरवों की सुसज्जित और विशाल सेना से अधिक थी।

English Translation By Swami Sivananda

"The strong Yodhamanyu and the brave Uttamaujas, the son
of Subhadra (Abhimanyu, the son of Subhadra and Arjuna), and the sons of
Draupadi, all of great chariots (great heroes).

Transliteration

yudhāmanyuśca vikrānta uttamaujāśca vīryavān
saubhadro draupadeyāśca sarva eva mahārathāḥ

अनुवाद

और पराक्रमी युधामन्यु, तथा बलवान उत्तमौजा, सुभद्रा के पुत्र और द्रौपदी के पुत्र—ये सभी निश्चय ही महारथी हैं।

भावार्थ

दुर्योधन अपने गुरु द्रोणाचार्य को पाण्डव सेना के प्रमुख योद्धाओं के बारे में बताना जारी रखता है। वह पराक्रमी युधामन्यु, बलवान उत्तमौजा, सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु और द्रौपदी के पाँचों पुत्रों का उल्लेख करता है। इन सभी को ‘महारथी’ (दस हजार धनुर्धरों से अकेले युद्ध करने में सक्षम योद्धा) बताकर दुर्योधन शत्रु सेना की विशाल शक्ति और उनके द्वारा प्रस्तुत चुनौती को स्वीकार कर रहा है।

Translation

And the valiant Yudhamanyu, the powerful Uttamauja, the son of Subhadra, and the sons of Draupadi—all of them are indeed great chariot-warriors.

Meaning

Duryodhana continues to list the formidable warriors in the Pandava army to his preceptor Dronacharya. He mentions the brave Yudhamanyu, the mighty Uttamauja, Abhimanyu (Subhadra’s son), and the five sons of Draupadi. By acknowledging that each of them is a ‘Maharatha’ (a warrior capable of fighting ten thousand archers simultaneously), Duryodhana highlights the immense strength of the opposing forces.

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
युधामन्युःयुधामन्यु
चऔर
विक्रान्तःपराक्रमी
उत्तमौजाःउत्तमौजा
चतथा
वीर्यवान्बलवान
सौभद्रःसुभद्रा के पुत्र (अभिमन्यु)
द्रौपदेयाःद्रौपदी के पुत्र
चऔर
सर्वेसभी
एवही
महारथाःमहारथी

Word by word

WordMeaning
yudhāmanyuḥYudhamanyu
caand
vikrāntaḥvaliant
uttamaujāḥUttamauja
caand
vīryavānpowerful
saubhadraḥthe son of Subhadra (Abhimanyu)
draupadeyāḥthe sons of Draupadi
caand
sarveall
evaindeed
mahārathāḥgreat chariot-warriors